आध्यात्मिक मार्ग की शुरुआत कहां से करूं?
यह प्रश्न नये साधक के मन में आना स्वाभाविक ही है। ऐसा इसलिये है क्योंकि विभिन्न माध्यमों जैसे पुस्तकों, नेट, प्रवचनों आदि में इतनी सूचना है, की उसमें तत्व को ढूंढना ऐसा है जैसे भूसे के ढेर में सुईं को ढूंढना।
तो उपाय क्या है? कैसे मैं सत्य को असत्य से अलग करके देख सकता हूँ? कैसे दूध का दूध और पानी का पानी किया जाये? बल्कि यह कहना उचित है कि कैसे पानी में से दूध को अलग किया जाये?