रविवार, 3 अप्रैल 2022

कभी वो भी सुनता, जो कोई ना कहता।

जो ना कहता, और ना सुनता,

वही है कहता, वही है सुनता।

जो ना आता, और ना जाता,

वही है आता, वही है जाता।

रविवार, 27 मार्च 2022

ज्ञान ट्वीट #७ साक्षी


'मैं साक्षी हूं', यह जानना चेतना है। पर यह भी कौन जान रहा है, उसको ढूंढो तो आप स्वयं ही साक्षी हो, इसमें कोई संशय नहीं रह जायेगा।

शनिवार, 19 मार्च 2022

तीन दृष्टिकोण

तीन तरह के दृष्टिकोण हो सकते हैं - भौतिक वादी, द्वैत वादी और अद्वैत।

बुधवार, 2 मार्च 2022

बंधन और मुक्ति।

जो मुक्त है, यानी साक्षी या अनुभव को जानने वाला, वो सदा मुक्त ही है, वो कभी बंधन में था ही नहीं। 

मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022

समर्पण

समर्पण क्या है?


समर्पण का अर्थ है सम + अर्पण। जो कुछ भी मैंनें अपने आप को मान लिया है, वो सब कुछ अर्पण कर देना, समर्पण है। अपना अज्ञान, मान्यताओं, पूर्वाग्रह, मतारोपण आदि का त्याग समर्पण है। अपने स्वरूप में समता पूर्वक स्थिति समर्पण है।

बुधवार, 9 फ़रवरी 2022

तृप्ति


आप पहले से ही अपने घर पर हैं, अब कहां जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस संघर्ष को भी समाप्त करने का संघर्ष मत करो, वो भी निरर्थक ही होगा। 

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021

कवितायें।


1) अन्तरमन


अपने अन्तर मन में उन्हें देखो,

सबमें वही मिलेंगे।