ज्ञान मार्ग पर पूजा नहीं,
नहीं तो तुम्हारी पूजा ही कर लेता।
सभी कुछ माया है,
नहीं तो तुमको सत्य ही मान लेता।
ज्ञान मार्ग पर पूजा नहीं,
नहीं तो तुम्हारी पूजा ही कर लेता।
सभी कुछ माया है,
नहीं तो तुमको सत्य ही मान लेता।
One of my old friend asked me "what does purposelessness mean to you? Can you be without any purpose at any point in time?"
साक्षी वो सत्ता या चैतन्य है जो यह शब्द इस समय पढ़ रहा है। उसको कहीं दूर ना समझें, उसे ढूंढने ना निकल पड़ें, वो कहीं नहीं मिलेगा, वो कभी नहीं मिलेगा। इसके दो कारण हैं, पहला वह कहीं गया नहीं तो मिलेगा कैसे, जो दूर है जो कभी अप्राप्त है वो मिल सकता है, पर साक्षी कभी भी अप्राप्त नहीं हुआ है, इसलिये वो प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
दर्द के कई कारण हो सकते हैं। जैसे कुछ उलटा सीधा या ज्यादा खा लिया तो पेट में दर्द हो गया, हाथ पर हथौड़ा लग गया, कहीं गिर गये और चोट लग गई आदि अनेक कारण हो सकते हैं। इलाज कर लिया, दवाई ले ली, सो गये, ध्यान कहीं और चला गया आदि, यदि कारण हटा दिया तो दर्द का निवारण हो गया। दर्द उत्तरजीविता के लिए आवश्यक है, जीवन को बनाये रखने के लिए अनिवार्य है।