मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022

समर्पण

समर्पण क्या है?


समर्पण का अर्थ है सम + अर्पण। जो कुछ भी मैंनें अपने आप को मान लिया है, वो सब कुछ अर्पण कर देना, समर्पण है। अपना अज्ञान, मान्यताओं, पूर्वाग्रह, मतारोपण आदि का त्याग समर्पण है। अपने स्वरूप में समता पूर्वक स्थिति समर्पण है।

बुधवार, 9 फ़रवरी 2022

तृप्ति


आप पहले से ही अपने घर पर हैं, अब कहां जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस संघर्ष को भी समाप्त करने का संघर्ष मत करो, वो भी निरर्थक ही होगा। 

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021

कवितायें।


1) अन्तरमन


अपने अन्तर मन में उन्हें देखो,

सबमें वही मिलेंगे।

मंगलवार, 16 नवंबर 2021

गुरुजी


ज्ञान मार्ग पर पूजा नहीं,

नहीं तो तुम्हारी पूजा ही कर लेता।


सभी कुछ माया है,

नहीं तो तुमको सत्य ही मान लेता।

शनिवार, 9 अक्टूबर 2021

ना खोया ना पाया

ना खोया ना पाया,

कुछ होता तो खोता,

कुछ होता तो पाता,

कुछ पाता तो खोता।

रविवार, 5 सितंबर 2021

नमन

मैं हूँ, तुम हो, और कोई नहीं;

मैं भी नहीं, तुम भी नहीं, कुछ है ही नहीं।

बुधवार, 25 अगस्त 2021

ज्ञान ट्वीट #६


ना तेरा कुछ है, ना मेरा कुछ है,

क्यों तेरा मेरा करता है रे बंदे।